सेक्स टूरिज्म की छवि से गोवा सरकार परेशान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत में एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभरे गोवा पर लग रहे सेक्स डेस्टिनेशन के तमगे से राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र भी परेशान है। खासकर पिछले दिनों में गोवा में विदेशियों के साथ दुराचार को लेकर वह ज्यादा चिंतित है।
अब गोवा सरकार ने जहां विज्ञापनों में बिकनी पहने लड़की दिखाने पर पाबंदी लगा दी है। वहीं पर्यटन एजेंसियों की मदद से एक आचार संहिता बनाने में लगी केंद्र सरकार को भी इससे बल मिला है।
विदेशी पर्यटकों के बीच गोवा ताजमहल के बाद सबसे बड़ा आकर्षण रहा है। अब जब विदेशी पर्यटकों का आकर्षण फिर से भारत की ओर बढ़ने लगा है तो सरकार नहीं चाहती है कि इन स्थानों पर कानून व्यवस्था, दुर्व्यवहार व सेक्स की छवि के कारण लोग आने से ठिठकें और विदेशों में भारत की छवि बदनाम हो।
लिहाजा केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने एक आचार संहिता के जरिए लोगों को जागरूक बनाने की कवायद शुरू की है। हालांकि यह संहिता खासतौर पर बाल यौन शोषण को ध्यान में रखकर बनाई गई है। जल्द ही एक हेल्पलाइन भी लाई जाएगी। गोवा सरकार की हाल की पहल को अच्छी शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
गोवा की सेक्स छवि से परेशान राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकारी विज्ञापनों में बिकनी पहने लड़की नहीं दिखाई जाएंगी।
पिछले दिनों गोवा में कुछ विदेशी बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया जा चुका है। सरकार की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बाल यौन शोषकों की सुरक्षित पनाहगाह बनने की आशंका जताई गई थी।
केंद्रीय स्तर पर मंत्रालय पहले ही विज्ञापनों के जरिए लोगों को जागरूक कर रहा है। अब आचार संहिता व हेल्पलाइन के जरिए कारवाई की कवायद हो रही है। राज्य के पर्यटन मंत्री फ्रांसिस्को पाचेको ने साफ कर दिया है कि समंदर किनारे महिलाओं के बिकनी पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। पाबंदी केवल विज्ञापनों तक सीमित होगी।