हरियाणा में 5वीं तक फेल नहीं होंगे बच्चे
बच्चों के लिए हैप्पी न्यूज। कक्षा तीसरी तक कंधे से उतरेगा बस्ता और पांचवीं तक फेल होने की टेंशन नहीं। बच्चों को शारीरिक व मानसिक राहत देने की यह कवायद सर्व शिक्षा अभियान के तहत शुरू हो चुकी है। प्रदेश के 100 स्कूलों में यह योजना प्राथमिक तौर पर लागू की जाएगी। इनके परिणाम देखकर ही यह फार्मूला पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए करनाल में बैठक होगी।
प्राथमिक शिक्षा ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन का आधार रखते हुए सर्व शिक्षा अभियान ने प्रदेश के 100 स्कूलों के लिए यह खास योजना बनाई है। इन स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को अव्वल आने या फिर फेल होने की चिंता भी नहीं होगी। बच्चों का बस्ता स्कूल में रखा रहेगा और उसकी हिफाजत के लिए रैक बनाए जाएंगे। बस्ते की साफ-सफाई के लिए उसे घर ले जाने की इजाजत बच्चों को दी जाएगी।
पांचवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि बच्चों पर होम वर्क करने का दबाव रहता है तो साथ ही अभिभावक भी बच्चे के गृह कार्य को लेकर चिंता में रहते हैं। यह प्लानिंग तैयार हुई कि बच्चों को होम वर्क नहीं दिया जाएगा और अध्यापन का तमाम काम स्कूल में ही किया जाएगा। इससे बच्चों के साथ ही अभिभावकों को भी मानसिक राहत मिलेगी।
नए शिक्षण सत्र की योजना तैयार करने के लिए गत दिनों चंडीगढ़ में सर्व शिक्षा अभियान की बैठक हुई थी बैठक में शिरकत करने आए प्रदेश के सभी जिलों के परियोजना संयोजकों को इस नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई।
जिला परियोजना संयोजक सूरज प्रकाश चावला ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एसएसए के निदेशक पीके दास ने बैठक में बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 100 स्कूलों को शामिल किया जाएगा। इन स्कूलों में योजना के परिणाम देखने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्कूलों के चयन व नए शिक्षण सत्र की तैयारी को लेकर छह फरवरी को दोबारा प्रदेश के सर्व शिक्षा अभियान की बैठक करनाल में होगी। इस बैठक में उस योजना की गाइड लाइन पर चर्चा होगी।